Apni Beti Ki Chudai Pehli Bar Jabardasti Baap Ne Ki Story Hindirar Exclusive -
Lifestyle aur entertainment ki is bhag-daur mein, Arjun ne pehli baar apne career se zyada ehmiyat apni beti ke bachpan ko di. Usne jana ki asli sukoon kisi badi deal mein nahi, balki apni beti ke saath park mein khelne mein hai.
Is trip ke baad, Rohan ne realize kiya ki usse apni beti ko bhi thoda sa aazadi deni chahiye. Usne dekha ki Aaradhya kitni zimmedar aur samajhdar hai, aur woh khud bhi apne jeevan mein aage badh rahi thi. Lifestyle aur entertainment ki is bhag-daur mein, Arjun
फिल्में जैसे 'English Vinglish' में श्री राव (अदिल हुसैन) या 'Dangal' में महावीर सिंह फोगाट – चाहे वो कितने सख्त क्यों न हों, आखिरी सीन में उनका ‘बेटी को तू कहना’ या ‘गले लगाना’ ही पूरे सिनेमा का सबसे बड़ा emotional beat बनता है। Usne dekha ki Aaradhya kitni zimmedar aur samajhdar
"इतनी रात को अकेले कैसे आ रही है तू? क्या पता होता है बाहर कैसा माहौल है? तू चुपके से मेरी बेटी है, किसी की आप थोड़े ही।" और सच में
नर्स ने बाहर आकर उसका ध्यान खींचा। उसके हाथों में नन्हीं सी जान थी, जिसे उसने एक मिठास भरी मुस्कान के साथ राजीव की बाहों में थमा दिया।
अक्सर वो कहता, और सच में, उसकी बेटी की हर इच्छा उसके लिए आदेश होती थी। जब बेटी ने पहली बार "पापा" शब्द बोला, तो राजीव को लगा मानो उसे नोबेल पुरस्कार मिल गया हो। यह कहानी शायद ही किसी ऐसी हो जिसने महसूस न किया हो कि बेटी के जन्म के बाद पिता की दुनिया बदल जाती है । वो ना सिर्फ एक बच्चे को जन्म देता है, बल्कि उसी पल से वो अपने अंदर के इंसान को दोबारा जन्म देता है।
बेटी पिता के जीवन में एक नई सुबह की तरह आती है। उसकी पहली किलकारी से लेकर उसकी शादी के दिन कन्यादान के मौके तक, एक पिता बेटी की खुशी, उसकी सुरक्षा और उसकी हर मुश्किल में बिना कुछ कहे उसके साथ खड़ा रहता है।